रुंझ नदी में हीरा ढूंढने पहुंची 5 हजार की भीड़, पन्ना में किनारे पर लगाया टेंट, खदेड़ने के बाद भी नहीं मान रहे लोग
पन्ना की पहचान देश के प्रमुख हीरा क्षेत्रों में होती है। यहां वैध खदानों के अलावा पट्टे वाली उथली खदानों में भी लोगों की किस्मत कई बार चमक चुकी है।
MP News: मध्य प्रदेश का पन्ना एक बार फिर हीरे की तलाश को लेकर चर्चा में है। जिले के रुंझ नदी के पास बारिश के बाद बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए हैं। नदी और उसके आसपास जमा मिट्टी-कंकड़ में हीरा मिलने की उम्मीद में लगभग 5 हजार की भीड़ इकट्ठा हुई। हालात ऐसे बने कि आसपास के जिलों से भी हजारों लोग यहां पहुंच गए और कुछ लोगों ने नदी किनारे टेंट लगाकर डेरा जमा लिया। लोग घंटों तक हीरे की तलाश करते रहे। मौसम को देखते हुए वन विभाग की टीम ने भीड़ खदेड़ दिया, लेकिन इसके बावजूद लोग नहीं मान रहे है। अभी भी बड़ी संख्या में लोग हीरे खोजने के लिए लगे हुए हैं।
कई जिलों के लोग हीरा ढूंढने नदी में पहुंचे
जानकारी के मुताबिक यह भीड़ रुंझ डैम के डूब क्षेत्र के आसपास पहुंची थी। स्थानीय स्तर पर यह धारणा लंबे समय से है कि बारिश के बाद नदी के बहाव से निकलने वाली 'चाल' में हीरे के कण या छोटे हीरे मिल सकते हैं। इसी उम्मीद में इस बार भी बड़ी संख्या में लोग अपनी किस्मत आजमाने पहुंच गए। मौके पर पहुंचने वालों की संख्या करीब 4 से 5 हजार बताई गई है। इनमें पन्ना के अलावा छतरपुर, टीकमगढ़, बांदा समेत बुंदेलखंड के दूसरे इलाकों के लोग भी शामिल थे।
टेंट लगाकर शुरू कर दी तलाश
हीरा मिलने की उम्मीद में लोगों ने रुंझ नदी के आसपास अस्थायी टेंट लगा लिए। इसके बाद क्षेत्र में लोगों की संख्या लगातार बढ़ती गई। बड़ी भीड़ के कारण वन क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने से विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को वहां से हटाया। विभाग ने लोगों को समझाइश देते हुए क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी। इसके बाद इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। हालांकि लोग इसके बावजूद नहीं मान रहे हैं।
कई बार चमक चुकी है लोगों की किस्मत
रुंझ नदी क्षेत्र में हीरे की तलाश कोई नई बात नहीं है। कुछ साल पहले भी डैम निर्माण के दौरान बड़ी मात्रा में निकली मिट्टी और कंकड़ में हीरा मिलने की खबरों के बाद हजारों लोग इस इलाके में पहुंचे थे। उस समय भी वन विभाग को अवैध उत्खनन और जंगल को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते कार्रवाई करनी पड़ी थी। एक पुरानी रिपोर्ट में बताया गया था कि लोगों ने पहाड़ी क्षेत्र में भी खुदाई शुरू कर दी थी और पेड़ों की जड़ों तक को नुकसान पहुंचा था।
पन्ना की पहचान देश के प्रमुख हीरा क्षेत्रों में होती है। यहां वैध खदानों के अलावा पट्टे वाली उथली खदानों में भी लोगों की किस्मत कई बार चमक चुकी है। हाल के वर्षों में भी स्थानीय लोगों और मजदूरों को लाखों रुपये कीमत के हीरे मिलने की खबरें सामने आती रही हैं। फिलहाल रुंझ नदी क्षेत्र में वन विभाग की निगरानी जारी है। प्रशासन और वन अमले की प्राथमिकता भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ जंगल और वन्यजीव क्षेत्र को किसी तरह के नुकसान से बचाना है।
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