'बिजली गुल से बिजली फुल बना स्टेट', CM मोहन यादव बोले- MP में विद्युत क्षमता का 30 प्रतिशत क्लीन एनर्जी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में 25 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। राज्य में 11 हजार मेगावाट से ज्यादा की क्षमता स्थापित हो चुकी है।
MP News: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को रविंद्र भवन में ऊर्जा विभाग के अभियंता और कर्मचारियों के अभिनंदन कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर बात की और कई अहम घोषणाओं का जिक्र किया। समारोह में मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि एक वक्त था, जब प्रदेश में बिजली गुल रहती थी, लेकिन आज मध्य प्रदेश के पास सर प्लस बिजली है। प्रदेश की कुल विद्युत क्षमता में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है।
9 हजार से ज्यादा इंजीनियर और कर्मचारियों का प्रमोशन हुआ
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत कंपनियों में वर्षों से लंबित पदोन्नति का रास्ता साफ किया गया है। इसके तहत 9 हजार से अधिक अभियंताओं और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। प्रमोशन मिलने से कर्मचारियों में नया उत्साह आया है और उन्हें आगे बढ़ने का विश्वास मिला है। उन्होंने बताया कि विद्युत कंपनियों में करीब 20 वर्षों से लंबित विभिन्न भत्तों से जुड़ी समस्या का भी समाधान किया गया है। नाइट शिफ्ट अलाउंस, कन्वेंस अलाउंस और कंपनसेटरी अलाउंस समेत कई भत्तों को रिवाइज किया गया है। इसका लाभ करीब 25 हजार अधिकारी-कर्मचारियों को मिल रहा है।
'नई भर्ती और प्रमोशन आगे भी जारी रहेंगे'
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत कंपनियों के अभियंताओं से जुड़ी तीन वेतन विसंगतियों का भी समाधान किया गया है। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के दूर होने से अभियंताओं को राहत मिली है। इसके अलावा अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कैशलेस मेडिक्लेम बीमा योजना लागू की गई है।
कंपनी कैडर के अभियंताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोलर रूफटॉप योजना लागू किए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हित में लगातार फैसले ले रही है और आवश्यकता के अनुसार विद्युत कंपनियों में नई भर्तियां और पदोन्नति की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
'बिजली गुल से बिजली फुल स्टेट बना MP'
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के प्रयासों से मध्यप्रदेश कभी बिजली की कमी से जूझने वाले राज्य से निकलकर आज बिजली सरप्लस स्टेट बन चुका है। प्रदेश के पास करीब 29 हजार मेगावाट की विद्युत क्षमता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की कुल विद्युत क्षमता में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में 25 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। राज्य में 11 हजार मेगावाट से ज्यादा की क्षमता स्थापित हो चुकी है। दुबई के इन्वेस्ट एमपी कार्यक्रम में भी सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में बड़े निवेश प्रस्ताव मिलने की बात उन्होंने कही।
'किसानों को दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली'
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डेटा सेंटर और एआई सेंटर आने के बाद बिजली की मांग और बढ़ेगी। इसे देखते हुए ऊर्जा विभाग पूरी तैयारी के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। अगले सीजन से किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सतपुड़ा और अमरकंटक ताप विद्युत गृहों में नई उत्पादन इकाइयों को मंजूरी दी गई है।
'कर्मचारियों के हित में जारी रहेंगे फैसले'
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में 85 हजार से ज्यादा पदों पर भर्तियां की हैं और पदोन्नति से जुड़े मामलों के समाधान से एक लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को लाभ मिला है। सरकार वर्तमान वर्ष में फिर से पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करेगी।
कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं। पावर इंजिनियर्स एंड एम्पलाइज एसोसिएशन ने कर्मचारी हित में लिए गए निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग और विद्युत कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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