भोपाल रेलवे स्टेशन पर पानी पीने लायक नहीं! 'रेल नीर' टेस्टिंग में फेल; बेसन की क्वालिटी भी पैरामीटर पर खरी नहीं
भोपाल रेलवे मंडल में वर्ष 2025-26 में रोजाना औसतन करीब 1.14 लाख यात्री यात्राएं की। अकेले भोपाल जंक्शन पर प्रतिदिन लगभग 70 हजार यात्रियों का फुटफॉल बताया गया है और यहां 150 से अधिक ट्रेनें रुकती हैं।
Bhopal Division Rail Neer: अगर आप ट्रेन में सफर करते हैं और यात्रा के दौरान खाने पीने की चीजें खरीदते हैं, तो ये ये खबर आपके लिए जानना बहुत जरूरी है। भोपाल रेलवे मंडल में नियमित गुणवत्ता जांच के दौरान रेल नीर(Rail Neer) की एक खेप टेस्टिंग में पूरी तरह फेल हो गई है। इसके बाद रेलवे और IRCTC ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसी बैच की अतिरिक्त बोतलों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगे की रिपोर्ट के आधार पर स्थिति और स्पष्ट होगी। अगर लापरवाही पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बेसन का सैंपल भी मानकों पर खरा नहीं उतरा
यह मामला जुलाई में हुई नियमित सैंपलिंग से सामने आया। जांच में Rail Neer के एक सैंपल को मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके साथ ही रेलवे में यात्रियों के लिए तैयार होने वाले भोजन में इस्तेमाल किए जाने वाले खुले बेसन का नमूना भी गुणवत्ता जांच में असफल रहा। इससे रेलवे स्टेशनों पर बिकने वाले खाद्य और पेय पदार्थों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
रोजाना 5 हजार बोतलों की सप्लाई
भोपाल मंडल में Rail Neer की खपत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंडीदीप स्थित संयंत्र से रोजाना करीब 5 हजार बोतलें मंडल के अलग-अलग स्टेशनों के लिए भेजी जाती हैं। इनमें भोपाल, रानी कमलापति, नर्मदापुरम, इटारसी, विदिशा और गंजबासौदा जैसे स्टेशन शामिल हैं। एक लीटर की बोतल की कीमत 14 रुपये मानें तो रोजाना की यह सप्लाई करीब 70 हजार रुपये के खुदरा कारोबार के बराबर बैठती है।
केवल भोपाल रेलवे स्टेशन पर 70 हजार फुटफॉल
भोपाल रेलवे मंडल में यात्रियों की संख्या भी काफी ज्यादा है। वर्ष 2025-26 में मंडल में रोजाना औसतन करीब 1.14 लाख यात्री यात्राएं दर्ज हुईं। अकेले भोपाल जंक्शन पर प्रतिदिन लगभग 70 हजार यात्रियों का फुटफॉल बताया गया है और यहां 150 से अधिक ट्रेनें रुकती हैं। ऐसे में स्टेशन पर मिलने वाले पानी और भोजन की गुणवत्ता सीधे बड़ी संख्या में यात्रियों से जुड़ती है।
रेलवे अधिकारियों ने जांच पर क्या कहा?
मामला सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि Rail Neer की नियमित जांच की जाती है। भोपाल मंडल के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ कटारिया के मुताबिक, एक बैच के कुछ नमूनों में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने के बाद उसी बैच से मंडीदीप, मनेरी और बल्लारशाह से अतिरिक्त सैंपल लिए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए जबलपुर भेजा गया है। करीब 10 बोतलें आगे की जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी भी दी गई है।
रेलवे के मुताबिक खाने की क्वालिटी पर भी लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल खाद्य पदार्थों के 765 सैंपल लिए गए थे, जबकि इस साल अब तक 287 सैंपल लिए जा चुके हैं और इनमें कोई सैंपल फेल नहीं हुआ है।
रेल नीर के एक संयंत्र से हर दिन एक लाख बोतल की क्षमता
रेल नीर भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए IRCTC की ओर से उपलब्ध कराया जाने वाला पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर है। रेलवे के अनुसार देशभर में इसके 19 संयंत्र संचालित हैं। मध्य प्रदेश में मंडीदीप और मनेरी इसके परिचालन संयंत्रों में शामिल हैं। प्रत्येक संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन करीब एक लाख बोतलों तक बताई गई है।
फिलहाल भोपाल में सामने आया मामला एक विशेष बैच के सैंपल से जुड़ा है। अतिरिक्त नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चलेगा कि गुणवत्ता में कमी किसी एक बैच तक सीमित थी या सप्लाई से जुड़े स्तर पर कोई व्यापक समस्या है। यात्रियों के लिए फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि रेलवे की अगली जांच रिपोर्ट क्या तस्वीर सामने लाती है।
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