Monsoon Session 2026 : PM मोदी बोले - मानसून सत्र प्रोडक्टिव बने, संसद में तर्क-वितर्क हो; राज्यसभा में आज पेश होगा वंदे मातरम बिल
Monsoon Session 2026 : मीडिया को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा, यदि मानसून और संसद का मानसून सत्र दोनों सक्रिय और सकारात्मक रहें, तो देश के विकास को नई गति मिल सकती है।
Monsoon Session 2026 : नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के लिए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक सत्र बताया। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि मानसून और संसद का मानसून सत्र दोनों सक्रिय और सकारात्मक रहें, तो देश के विकास को नई गति मिल सकती है। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से चलाने में सहयोग देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां होने वाली सार्थक चर्चा देशहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दल राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए रचनात्मक चर्चा में भाग लेंगे।
देश की उपलब्धियों और युवाओं की क्षमता का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले एक महीने के दौरान भारत ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि इन सफलताओं ने देशवासियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है और दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा मजबूत हुई है।
प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में युवाओं के नेतृत्व वाले एक भारतीय स्टार्टअप ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे दुनिया के केवल कुछ ही देश हासिल कर पाए हैं।
उन्होंने कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत के युवाओं की प्रतिभा और उनकी महत्वाकांक्षाएं असीम हैं। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उनके नवाचार और क्षमता की सराहना की।
मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी
सरकार ने मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी की है। इनमें आयकर संशोधन विधेयक 2026, सर्वोच्च न्यायालय संशोधन विधेयक 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक 2026, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक 2026, विदेशी अंशदान संशोधन विधेयक 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 शामिल हैं।
इन प्रस्तावित विधेयकों का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को मजबूत करना, प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाना, शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाना, कारोबार को आसान बनाना और विभिन्न क्षेत्रों में जवाबदेही बढ़ाना बताया जा रहा है। इन विधेयकों पर सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
25 दिन चलेगा मानसून सत्र
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। कुल 25 दिनों के इस सत्र में 19 बैठकें निर्धारित की गई हैं।
सरकार का कहना है कि इन बैठकों के दौरान राष्ट्रीय महत्व के कई विषयों पर चर्चा होगी और आवश्यक विधायी कार्य पूरे किए जाएंगे। विपक्ष भी विभिन्न जनहित के मुद्दों को सदन में उठाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।