Lok Sabha Session : NEET पेपर लीक पर संसद में जोरदार हंगामा, राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
Lok Sabha Session : कई मुद्दों पर विपक्षी सांसदों के विरोध के बीच, स्पीकर ओम बिरला ने कहा, कृपया अपनी सीटों पर बैठे रहें। सदन चलाने में सहयोग करें।
Lok Sabha : Session : नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा में NEET-UG पेपर लीक का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और इस पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए छात्रों और प्रदर्शनकारियों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। खड़गे के बयान के बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और स्थिति को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में भी विपक्ष का प्रदर्शन
लोकसभा में भी मानसून सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। विपक्षी सांसद NEET-UG पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए सदन में पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी।
लोकसभा की कार्यवाही केवल 12 मिनट तक चली, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्ष का कहना था कि छात्रों और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर पहले चर्चा होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में सार्थक चर्चा की अपील की
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जैसे अच्छा मानसून देश के लिए लाभदायक होता है, वैसे ही सकारात्मक और सक्रिय मानसून सत्र भी देशहित में महत्वपूर्ण होता है।
प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे सदन में तर्क, तथ्य और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के साथ चर्चा करें। उन्होंने कहा कि संसद राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श का सर्वोच्च मंच है और यहां होने वाली रचनात्मक बहस से देश को लाभ मिलता है।
छात्रों के भविष्य को लेकर विपक्ष का सरकार पर निशाना
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि NEET-UG पेपर लीक केवल परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को बल प्रयोग के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है।
विपक्ष ने सरकार से इस पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा और जवाबदेही तय करने की मांग की। अब इस मुद्दे पर आगामी दिनों में संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।