US-Iran War Update : अमेरिका ने ईरान के 10+ शहरों पर हमला! 2 साल के बच्चे समेत माता-पिता की मौत, ट्रंप बोले- अब हमारी बारी
US-Iran War Update : ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार केश्म द्वीप पर एक रिहायशी इमारत भी हमले की चपेट में आ गई। इस घटना में एक दंपती और उनके दो वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
US-Iran War Update : वांशिगटन डीसी। अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान के 10 से अधिक शहरों में हवाई हमले किए, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया। ईरानी मीडिया के अनुसार केश्म, किश, काजेरून, अहवाज, अबादान, शादेगान, अरवंदकेनार, बुशेहर, जाम और खोरमोज सहित कई इलाकों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, तटीय रक्षा केंद्रों और समुद्री सैन्य सुविधाओं के खिलाफ की गई। अमेरिका का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों, व्यापारिक जहाजों और सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
केश्म द्वीप पर रिहायशी इलाके में हमला, एक परिवार पर टूटा दुख
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार केश्म द्वीप पर एक रिहायशी इमारत भी हमले की चपेट में आ गई। इस घटना में एक दंपती और उनके दो वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। परिवार के दो अन्य बच्चे घायल हुए हैं और उनका अस्पताल में इलाज जारी है।
स्थानीय प्रशासन ने मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया। इस घटना के बाद नागरिक इलाकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और मानवीय नुकसान पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ट्रम्प की चेतावनी के बाद बढ़ी सैन्य कार्रवाई, ईरान ने भी दिया जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमलों से पहले कहा था कि जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात और बिगड़े तो अमेरिका और अधिक कठोर सैन्य कार्रवाई करेगा।
दूसरी ओर ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उसकी सुरक्षा और संप्रभुता से समझौता नहीं किया जाएगा। दोनों देशों के बयानों ने क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता को बढ़ा दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा चिंता
ईरान ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र पर उसका नियंत्रण है और उसकी अनुमति के बिना जहाजों की आवाजाही संभव नहीं होगी।
वहीं ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने यह भी कहा कि एक तेल टैंकर में आग लगने के बाद दो अन्य जहाजों ने अपना रास्ता बदल दिया। हालांकि आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इराक, सीरिया और जॉर्डन में भी बढ़ी हलचल
तनाव केवल ईरान तक सीमित नहीं रहा। इराक में ईरान समर्थित ठिकानों पर हमलों की खबरें सामने आईं, जबकि दक्षिणी सीरिया के कुनेत्रा क्षेत्र में भी गोलाबारी की सूचना मिली।
जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से ईरान की ओर से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है, क्योंकि संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।
तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर दिखाई दे रहा है। शुरुआती आशंकाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है या होर्मुज स्ट्रेट में बाधा आती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
हालांकि ताजा कारोबार में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में कुछ नरमी भी दर्ज की गई। बाजार अब आने वाले दिनों में दोनों देशों के अगले कदम पर नजर बनाए हुए है।
संघर्ष लंबा खिंचा तो बढ़ सकती हैं चुनौतियां
रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि मौजूदा हवाई हमलों का उद्देश्य दबाव बनाना है, न कि ईरान की पूरी सैन्य क्षमता को खत्म करना। उनका कहना है कि ईरान ने अपने कई सैन्य संसाधन अलग-अलग स्थानों पर तैनात कर रखे हैं। ऐसे में सीमित हवाई हमलों से निर्णायक परिणाम मिलना आसान नहीं होगा। यदि दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता है, तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।