CJP Chalo Sansad March : जंतर-मंतर पर बेकाबू भीड़ ने तोड़ी बैरिकेडिंग, पुलिस का लाठीचार्ज, सोनम वांगचुक की ये शर्तें
CJP Chalo Sansad March : कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग हटाने और आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
CJP Chalo Sansad March Update : नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च से पहले सोमवार सुबह जंतर-मंतर पर तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास भारी बैरिकेडिंग की और बड़ी संख्या में पुलिस तथा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात किए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया, जिसके बाद मौके पर नारेबाजी तेज हो गई।
कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग हटाने और आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। CJP का मार्च सुबह 9 बजे शुरू होना था, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और रोक के कारण इसमें देरी हुई। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा और उन्हें कोई नहीं रोक सकता। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी।
सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के लिए रखीं तीन शर्तें
पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए तीन शर्तें सामने रखी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरी शर्त के तहत CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने की अनुमति दी जाए और सांसद इस मुद्दे को सदन में उठाने का भरोसा दें।
तीसरी शर्त यह है कि यदि स्वास्थ्य कारणों से संसद जाना संभव नहीं हो, तो सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर यही आश्वासन दें। वांगचुक का कहना है कि उनका आंदोलन जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी है।
पत्नी ने फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। लंबे उपवास के कारण उनका वजन काफी कम हो चुका है और डॉक्टर पहले ही स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम की आशंका जता चुके हैं। इसी बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे आंगमो ने एक बार फिर दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की है।
उन्होंने अदालत से कहा कि सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक के इलाज और वहां रखने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए। अपील में यह भी कहा गया कि मरीज को अपने उपचार के संबंध में निर्णय लेने और सूचित सहमति देने का अधिकार मिलना चाहिए। इससे पहले अदालत निजी अस्पताल में स्थानांतरण की मांग को स्वीकार नहीं कर चुकी है।
CJP ने बातचीत के संकेत दिए
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्र नेताओं ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। अभिनेता शबाना आजमी, राज्यसभा सांसद मनोज झा और अभिनेता प्रकाश राज ने उन्हें पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया।
दूसरी ओर, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। इस बीच CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि सरकार बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि संगठन बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में आगे की रणनीति सरकार के अगले कदम पर निर्भर करेगी।