IND Hockey Team Jersey : भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग क्यों बदला? भगवा किट पर हॉकी इंडिया की सफाई
IND Hockey Team Jersey : हॉकी इंडिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अब अधिकतर सिंथेटिक पिचों का रंग नीला होता है। ऐसे में नीली जर्सी और नीली पिच के कारण खिलाड़ियों को मैदान पर साथी खिलाड़ियों की पहचान करने में कठिनाई होती थी।
IND Hockey Team Jersey : नई दिल्ली। भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी को लेकर चल रही चर्चा के बीच हॉकी इंडिया ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। संगठन ने कहा कि पारंपरिक नीली जर्सी की जगह केसरिया रंग अपनाने का फैसला किसी राजनीतिक या अन्य कारण से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सलाह के आधार पर तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
हॉकी इंडिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अब अधिकतर सिंथेटिक पिचों का रंग नीला होता है। ऐसे में नीली जर्सी और नीली पिच के कारण खिलाड़ियों को मैदान पर साथी खिलाड़ियों की पहचान करने में कठिनाई होती थी।
खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के सुझाव पर लिया गया फैसला
हॉकी इंडिया ने अपने बयान में कहा कि जर्सी का रंग बदलने से पहले खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के साथ विस्तृत चर्चा की गई थी। इस दौरान कई वैकल्पिक रंगों, जैसे पीला और केसरिया, पर विचार किया गया।
अंत में केसरिया रंग को चुना गया क्योंकि यह मैदान पर बेहतर दृश्यता प्रदान करता है। साथ ही यह भारतीय तिरंगे का भी एक महत्वपूर्ण रंग है, जो साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है।
संगठन का कहना है कि तकनीकी जरूरत और राष्ट्रीय पहचान, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया।
जर्सी का रंग पहले भी कई बार बदला जा चुका है
हॉकी इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय टीम की जर्सी में बदलाव कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में टीम की प्लेइंग किट का रंग बदला जा चुका है।
वर्ष 2014 के एफआईएच हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम ने पीले रंग की जर्सी पहनी थी। वहीं 2018 विश्व कप के दौरान टीम की जर्सी का रंग और डिजाइन दोनों बदले गए थे।
संगठन का कहना है कि समय-समय पर तकनीकी जरूरत, दृश्यता और प्रतियोगिता की आवश्यकताओं के अनुसार ऐसे बदलाव किए जाते रहे हैं।
नई जर्सी में दिखेगी भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान
नई केसरिया जर्सी को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें मंडला शैली से प्रेरित ग्राफिक्स शामिल किए गए हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।
जर्सी में अशोक चक्र से प्रेरित डिजाइन तत्व भी शामिल हैं, जो प्रगति, शांति और एकाग्रता का संदेश देते हैं। छाती के हिस्से पर सुदर्शन चक्र की आधुनिक शैली का ग्राफिक बनाया गया है, जिसे ताकत, एकता और गति का प्रतीक बताया गया है।
इसके अलावा कंधों और किनारों पर तिरंगे की रंगीन पाइपिंग दी गई है, जबकि "INDIA" शब्द को देवनागरी से प्रेरित विशेष शैली में लिखा गया है।
सफेद वैकल्पिक किट भी रहेगी उपलब्ध
हॉकी इंडिया ने बताया कि केसरिया जर्सी के साथ टीम के पास सफेद रंग की वैकल्पिक किट भी होगी। इस किट में भी वही डिजाइन तत्व शामिल किए गए हैं, जो मुख्य जर्सी में दिखाई देंगे।
संगठन का कहना है कि नई किट का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन में मदद करने के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय गौरव को भी प्रदर्शित करना है।
भारतीय टीम अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित होने वाले एफआईएच विश्व कप में इसी नई जर्सी के साथ मैदान पर उतर सकती है।