CJP Protest Update : अभिजीत दिपके डिटेन! संसद भवन के पास से हटाए प्रदर्शनकारी; नड्डा से मिला CJP डेलिगेशन
CJP Protest Update : पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। जब बाहर ये हंगामा चल रहा था उस वक्त PM समेत सभी सांसद संसद में मौजूद थे।
CJP Protest Update : नई दिल्ली। NEET पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। संसद के मानसून सत्र के बीच आयोजित संसद मार्च के चलते दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। CJP ने दावा किया कि उसके नेता अभिजीत दिपके को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जबकि दिल्ली पुलिस ने इससे इनकार किया। सुरक्षा कारणों से संसद भवन के आसपास से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया। इस बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और CJP प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात की खबर भी सामने आई है, हालांकि बैठक को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर से संसद मार्ग की ओर बड़ी संख्या में छात्र, अभ्यर्थी और उनके अभिभावक पहुंचे। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे।
इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान संसद के भीतर मानसून सत्र की कार्यवाही सामान्य रूप से चलती रही, जबकि बाहर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट रहीं।
जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन
19 जुलाई की शाम से ही जंतर-मंतर पर छात्र, अभ्यर्थी और उनके परिजन जुटने लगे थे। प्रदर्शनकारियों ने NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और सरकारी भर्तियों में तेजी लाने की मांग उठाई। धीरे-धीरे आंदोलन संसद मार्ग तक पहुंच गया। कई छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों ने भी इसका समर्थन किया।
अभिजीत दिपके ने खत्म किया अनशन
CJP नेता अभिजीत दिपके ने ढाई दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि सरकार की ओर से बातचीत के सकारात्मक संकेत मिले हैं और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की है। हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। CJP का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
संसद मार्च को देखते हुए जंतर-मंतर, संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया और रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया। प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य संसद परिसर और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
धारा 163 लागू, पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि संसद मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। सुरक्षा कारणों से BNSS की धारा 163 लागू की गई है, जिसके तहत प्रतिबंधित क्षेत्रों में भीड़ जुटाने और प्रदर्शन पर रोक है। पुलिस ने लोगों से कानून का पालन करने और किसी भी अनधिकृत मार्च में शामिल नहीं होने की अपील की है।
संसद मार्च के दौरान हुई झड़प
20 जुलाई को प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े तो कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और संसद परिसर की सुरक्षा और सख्त कर दी गई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से निर्धारित क्षेत्र में रहने की अपील करती रही।
हिरासत और झड़प को लेकर अलग-अलग दावे
CJP ने आरोप लगाया कि उसके कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग किया गया। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया, जबकि CJP ने कई लोगों के घायल होने का दावा किया। दूसरी ओर पुलिस ने पथराव में एक अधिकारी के घायल होने की बात कही है।
कनॉट प्लेस तक पहुंचा प्रदर्शन, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
प्रदर्शन का असर कनॉट प्लेस, राजीव चौक और मंडी हाउस तक देखने को मिला, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने अतिरिक्त बैरिकेडिंग कर हालात को नियंत्रित किया।
इस बीच अरविंद केजरीवाल और महुआ मोइत्रा समेत कई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताया।